Slipped Disc (डिस्क प्रोलेप्स)

डिस्क प्रोलेप्स क्या है !!

हमारे रीढ़ की हड्डी छोटी-छोटी अगुंठीनुमा अस्थियों से मिल कर बनी है जिन्हे Vertebra (कशेरूक) कहा जाता है। प्रत्येक Vertebra (कशेरूक)
के नीचे एक कोमल रिंग होती है जो रीढ़ की हड्डी में लचन प्रदान करती है एवं Shock absorbers के रूप में कार्य करती है

रीढ़ की हड्डी एक खोखली नली के रूप में होती है जिसमें से स्पाईनल कोर्ड मस्तिक से निकलकर मुख्य अंगो तक जाती है। गद्दीदार कोमल रिंग जब अपने स्थान से खिसक जाती है तब नर्व को दबा देती है, इसी को डिस्क प्रोलेप्स कहते है।
यह सामान्यतः कमर के हिस्से में ही होता है लेकिन कभी-कभी यह गले में स्थित कशेरूकों में भी हो जाता है डिस्क के क्षतिग्रस्त होने पर प्रारम्भ में एवं पीठ में ही दर्द होता है, लेकिन जब डिस्क खिसक कर किसी नर्व को दबा देती है, तो दर्द पैरों (सायटिका) में भी होने लग जाता है। इसमें ऐसा महसूस होता है जैसे-पेरों या अंगूठे में सुइयां चुभ रही हो जिस नर्व पर दबाव पड़ता है, उससे प्रभावित अंगो में सुन्नता भी महसूस होती है। डिस्क प्रोलेप्स से मांस पेशियां कमजोर हो जाती है, जिससे व्यक्ति का चलना-फिरना प्रभावित होता है।
कभी-कभी प्रोलेप्स बडे़ स्तर पर होने से यह पेशाब की थैली को प्रभावित करता है और व्यक्ति का पेशाब बंद हो जाता है और लैट्रीन का भी पता नहीं चलता है।
यह रोग अधिकांशतया 20 से 40 आयु वर्ग में अधिक होता है।

डिस्क प्रोलेप्स कैसे होता है !!

भारी वजन गलत स्थिति में उठाने से, गिरने या चोट लगने से अथवा कभी कभी बिना किसी ठोस वजन के भी डिस्क प्रोलेप्स हो सकता है। खांसी या छींक करने से दर्द अधिक महसूस होता हैं।

डिस्क प्रोलेप्स का उपचारः-

ऐसी अवस्था में रोगी को घर पर पूर्ण विश्राम की सलाह दी जाती है तथा दर्द निवारक दवाएं (Anti-inflammatory, Muscle relaxants) दी जाती है। दर्द कम नही हाने पर ट्रेक्शन की भी सहायता ली जाती है। ट्रेक्शन (खिंचाव) देने से रीढ़ की हड्डी में खिंचाव होता है जिससे क्षतिग्रस्त डिस्क पर दबाव कम होता है व दर्द से राहत मिलती है। इसके बावजूद यदि पैरों में दर्द बना रहता है तो सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है। यदि पीड़ित व्यक्ति को पेशाब में समस्या हो या मांस पेशियों में कमजोरी बढ़ रही हो तो तुरन्त ऑपरेशन की सलाह दी जाती है। सर्जरी से पूर्व डिस्क प्रोलेप्स की सही स्थिति का पता लगाने के लिए X-Ray, CT-Scan या MRI कराई जानी चाहिए। सर्जरी के द्वारा कशेरूका (Vertebra) के नीचे स्थित कोमल रिंग के कुछ ऊतकों को हटाया जाता है कभी-कभी रिंग को ही पूरी तरह हटाना आवश्यक हो जाता है जिससे सम्बन्धित तन्त्रिका (नर्व) पर दबाव कम कर पीड़ित को दर्द मुक्त किया जा सके।
इस ऑपरेशन को Laminectomy /Diskectomy कहा जाता है।
आधुनिक समय में पहली बार भीलवाड़ा में माइक्रोडिस्केक्टोमी की सुविधा (केशव) पोरवाल हॉस्पिटल में उपलब्ध कराई गई है, जिससे ऑपरेशन के पश्चात् मरीज को तुरन्तबिना किसी सहारे के खड़ा करके चला दिया जाता है।

उपचार में असावधानी होने पर:-

डिस्क प्रोलेप्स का सही समय पर सही उपचार न लिया जाए तो दर्द में उत्त्रोत्तर वृद्धि होती जाती है। मूत्राशय की तन्त्रका या Spinal Cord पर दबाव बढ़ने पर शल्य चिकित्सा अवश्यंभावी होती है, नही तो व्यक्ति के पावों में स्थाई रूप से कमजोरी आ सकती है या उसका पेशाब पर नियन्त्रण समाप्त हो सकता है।

Porwal Hospital

Hospital of Excellence

Patient Services

Our Location

Love Garden Road, R.C. Vyas Colony, Bhilwara (Raj.) 311001
+91-982 994 6350
info@porwalhospital.com, porwalhospital@gmail.com